मोदी की वैज्ञानिकों को सलाह

मोदी की वैज्ञानिकों को सलाह
Updated 20:42 19 Wed Jul 2017
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र सरकार के शीर्ष वैज्ञानिक अधिकारियों से बुधवार को मुलाकात की। उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष को प्रगति और समृद्धि की कुंजी करार देते हुए वैज्ञानिकों को आम आदमी की जिंदगी में बदलाव करने वाले उपाय खोजने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकता ये है कि इनका इस्तेमाल देश की समस्याओं को हल करने में किया जाए।

देश की चुनौतियों से निपटने में वैज्ञानिकों की क्षमता पर भरोसा जताते हुए मोदी ने अधिकारियों से आजादी के 75वें साल 2022 तक के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में उच्च प्रोटीनयुक्त दालों और पोषकतत्वों वाले खाद्य पदार्थ और अरंडी का मूल्यवर्द्धन करने के काम में तेजी लाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सौर ऊर्जा की संभावना का अधिकतम दोहन किया जाना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा कि जमीनी स्तर पर कई नवोन्मेष हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसतरह की प्रणाली विकसित की जानी चाहिए जिससे सफल नवोन्मेष का दस्तावेज तैयार करके उसे जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके। इस सिलसिले में उन्होंने रक्षाकर्मियों द्वारा किए जा रहे नवोन्मेषों का भी जिक्र किया।

खेल के क्षेत्र में प्रतिभाओं की खोज का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि स्कूली छात्रों में ही सर्वाधिक कुशाग्र और तीव्र बुद्धि वाले वैज्ञानिकों को तलाश करने की प्रणाली खोजी जानी चाहिए।

पीएम मोदी ने जिन अधिकारियों से मुलाकात की उनमें नीति आयोग के सदस्‍य डॉक्टर वीके सारस्‍वत, भारत सरकार के मुख्‍य वैज्ञानिक सलाहकार डॉक्‍टर आर चिंदबरम और केन्‍द्र सरकार के विभिन्‍न विज्ञान विभागों के सचिव शामिल थे।

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