बैल की ताकत से बनेगी बिजली

बैल की ताकत से बनेगी बिजली
Updated 08:27 16 Tue May 2017
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नई दिल्ली। पतंजलि उत्पादों की कामयाबी के बाद बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण एक अनूठा विचार लेकर आए हैं। रामदेव और बालकृष्ण अब बैलों की मदद से बिजली बनाने का प्रयोग कर रहे हैं। यह विचार बालकृष्ण का है, जिस पर करीब डेढ़ साल के काम चल रहा है और शुरुआती कामयाबी भी मिली है। मकसद यही है कि बैलों को बूचड़खाने भेजने के बजाए बिजली बनाने के काम में लिया जाए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में भारत की एक मल्टीनेशनल ऑटोमोबाइल कंपनी के अलावा तुर्की की कंपनी भी शामिल है। प्रोटोटाइप का डिजाइन बना लिया गया है।

रिसर्च प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों के मुताबिक, अब तक टर्बाइन की मदद से 2.5 किलोवॉट बिजली बनाने का सफल प्रयोग हो चुका है। अब चुनौती ज्यादा बिजली बनाने की है। एक अंग्रेजी अखबार से चर्चा में बालकृष्ण ने कहा, अब तक माना जाता था कि बैल किसी काम के नहीं होते और उन्हें बूचड़खाने भेज दिया जाना चाहिए।

बालकृष्ण ने पुष्टि की कि हरिद्वार स्थित पतंजलि मुख्यालय पर यह प्रयोग चल रहा है। उनके मुताबिक, सुबह बैलों से हल चलवाए जा सकते हैं और शाम को बिजली बनाने में उनका इस्तेमाल हो सकता है। हम अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या एक गरीब किसान अपने बैल की मदद से घर रोशन करने लायक बिजली बना सकता है या नहीं?

वहीं प्रोजेक्ट से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, अभी तक बड़े स्तर पर बिजली बनाने में कामयाबी हासिल नहीं हुई है। पतंजलि का मकसद गरीब परिवारों की मदद करना है। कंपनी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कोई चीज नहीं बेचेगी।

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