अगर आप भी प्लास्टिक के कप में चाय पीते हैं तो ये आपके लिए खतरनाक है

अगर आप भी प्लास्टिक के कप में चाय पीते हैं तो ये आपके लिए खतरनाक है
Updated 22:35 17 Mon Jul 2017
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नई दिल्ली। हम अपनी रोजमर्रा के काम काज में प्लास्टिक के बोतल, प्लेट्स और भी अन्य प्रकार के बर्तन प्रयोग  में लाते ही रहते है परन्तु क्या आपको पता है की प्लास्टिक से निर्मित यह बर्तन हमारे स्वास्थ पर कितना बुरा  प्रभाव डालते है। इन बर्तनो और बोतलों को बनाने में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक में पाए जाने वाले बहुत से  हानिकारक रसायनों से गंभीर बीमारियां होने की आशंका रहती है। दिल्ली एनसीआर हो या फिर लखनऊ कानपुर, इन सभी शहरो में रेलवे स्टेशन हो या दफ्तर के बाहर नुक्कड़ो पर प्लास्टिक के कप में चाय पीना बेहद आम है।

भारत के सबसे बड़े अस्पताल एम्स के डॉक्टर्स ने कैंसर होने के तीन कारण बताये हैं:

पहला– चाय कभी भी प्लास्टिक के कप में नहीं पीना चाहिए

दूसरा– कोई भी गर्म चीज प्लास्टिक में नहीं खाये मुख्य्तः भोजन

तीसरा– खाने की चीजों को माइक्रोवेव में प्लास्टिक के बर्तनों में कभी भी गर्म ना करें

स्पेशलिस्टो के अनुसार प्लास्टिक में कई हानिकारक केमिकलस होते हैं जो गर्म होने पर रिसकर पानी और खाने में मिल जाते हैं। और जब यह केमिकल्स पानी और खाने के रास्ते हमारे शरीर में पहुंचते है तो कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी को बढ़ावा दे सकते है। प्लास्टिक गर्मी के संपर्क में आकर जो रसायन उत्पन्न करता है, उससे 32 प्रकार के कैंसर होने का खतरा हो सकता है। दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. श्याम अग्रवाल ने बताया कि प्लास्टिक इंडस्ट्री में काम करने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट और यूट्रेस कैंसर के मामले अधिक सामने आते है।

एडिलेड विश्वविद्यालय व दक्षिण ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य एवं मेडिकल अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने 1,500 से  अधिक पुरुषों में थैलेट्स नामक रसायन, जो कि प्लास्टिक में उपस्थित होता है की मौजूदगी की संभावना की जांच की है। इस रसायन की वजह से दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप व टाइप-2 मधुमेह होने की सम्भावना बहुत बढ़ जाती है।

हवाई के कैंसर हॉस्पिटल के डॉक्टर एडवर्ड फुजीमोटो ने प्लास्टिक से होने वाले कैंसर पर कि गयी शोध के अनुसार बताया कि प्लास्टिक के बर्तन में खाना गर्म करना और कार में रखे बोतल का पानी कैंसर की वजह बन सकता है। क्योकि कार में रखी प्लास्टिक की बोतल जब धूप या ज्यादा तापमान की वजह से गर्म होती है, तो प्लास्टिक में मौजूद नुकसानदेह केमिकल डाइऑक्सिन का रिसाव करने लगते है, जो पानी में घुलकर हमारे शरीर में पहुंचता है और हमारे शरीर में मौजूद कोशिकाओं पर बुरा प्रभाव डालता है। जो  महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ता है।

जानकारों  के मुताबिक प्लास्टिक का समान  खरीदते समय अच्छी क्वॉलिटी का प्लास्टिक  खरीदने से  कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। वैसे जानकारों की सलाह है कि जहां तक हो सके खाने-पीने के लिए स्टील और कांच के बर्तनों का ही इस्तेमाल उपयोगी होता है। अतः कोशिश करें कि प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं का प्रयोग न ही करें।

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