मार्क जुकरबर्ग फेसबुक को कह सकते हैं अलविदा

मार्क जुकरबर्ग फेसबुक को कह सकते हैं अलविदा
Updated 22:58 15 Thu Jun 2017
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अमेरिका। एक अरब बीस लाख लोगों को प्रतिदिन फेसबुक साइट पर कनेक्ट करने वाले फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग आजकल हताश और निराश हैं क्योंकि उनका उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

जुकरबर्ग के मित्रों के कहना है कि उन्होंने जिस उद्देश्य से इसकी संरचना की थी उसके लिए वह खरा नहीं उतर पा रहे हैं। इसलिए संभावना है कि वह साल के अंत तक इससे पल्ला झाड़ लेंगे। सोशल मीडिया की मानें तो वह इन दिनों ‘टेलिपैथी’ पर काम कर रहे हैं। अगर सोशल मीडिया पर ऐसा होता है तो यह एक अजूबा होगा। साथ में यह भी कहा जा रहा है कि जुकरबर्ग को इस बात से ठेस पहुंची है कि फेसबुक साइट का सकारात्मक रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

विदित हो कि उन्होंने पांच साल पहले एक चीनी महिला प्रिंसला चान से विवाह किया था। चान एक बाल रोग चिकित्सक हैं। उनकी परम्परागत चीनी मेडिसिन और होलिस्टिक हेल्थ रेजिम में बड़ी आस्था है जो केवल रोग के निदान में सहायक ही नहीं, बल्कि रोग की तह में जा कर उसके कारणों का भी पता लगाती है। वह कहती हैं की एलोपैथी मेडिसिन एक पूर्ण मेडिसिन नहीं है।

डॉ. चान ने अपने पति को पिछले वर्ष इस बात के लिए राजी कर लिया था कि उनका फोकस शिक्षा और रोग निदान पर होना चाहिए। तब से मार्क जुकरबर्ग के मन में भी एक जुनून पैदा हो गया है कि 21वीं सदी के अंत तक सभी रोगों का निदान कैसे हो। अब दोनों पति पत्नी समाज में हजारों रोगों की तह में जाने और इन रोगों के निदान के उपाय खोजने में लगे हुए हैं।

प्रिंसला और मार्क जुकरबर्ग को युवा शक्ति पर भरोसा है। वह न केवल कैंसर जैसे असाध्य रोगों को प्राकृतिक उपचार की खोज में लगे हैं, बल्कि मानवीय स्किन की देखभाल में भी जुटे हुए हैं। उनकी कोशिश है कि कैसे स्किन नया और स्वस्थ लगे। इसके लिए एक ऐसी क्रीम की खोज की गई है, जिसमें सभी तत्व प्राकृतिक हैं। इस क्रीम के प्रारम्भिक टेस्ट चौंकाने वाले आए हैं। इसे जिस किसी ने भी उपयोग किया है वह अपनी वास्तविक आयु से 10 से 15 वर्ष कम आयु का दिख रहा है। इस क्रीम का पेटेंट कराया जा रहा है। इसका नाम है इलुमां डरमां स्किन केयर।

 

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