दीवाली के बाद राहुल के सिर सजेगा कांग्रेस अध्यक्ष का ताज

दीवाली के बाद राहुल के सिर सजेगा कांग्रेस अध्यक्ष का ताज
Updated 18:58 01 Sun Oct 2017
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नई दिल्ली। कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दिवाली के बाद पार्टी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। राहुल दिवाली के बाद कभी भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि अब समय आ गया है कि राहुल पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी को संभाले और सामने से पार्टी का नेतृत्व करें। सचिन पायलट को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। आपको बता दें कि राहुल गांधी को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की खबर कई महीने से चल रही है।

मीडिया खबरों के अनुसार, सचिन पायलट ने वंशवाद का बचाव करते हुए कहा कि किसी भी नेता को उनके आखिरी नाम के आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता है। उस नेता की मूल्य उसका प्रदर्शन ही तय करता है।

पायलट ने कहा कि राहुल गांधी को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया काफी लंबे समय से चली आ रही है। पार्टी के अंदर संगठन के चुनाव हो रहे हैं। पार्टी को दिवाली के बाद नया पार्टी अध्यक्ष मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लंबे अर्से से प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि पार्टी में एक राय है कि राहुल गांधी सामने से आकर पार्टी का नेतृत्व करें।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी उपाध्यक्ष के रूप में पार्टी के कामों को देख रहे हैं। उन्होंने पार्टी से जुड़े अधिकतर कामों को अंजाम दिया है। लेकिन अब समय आ गया है कि राहुल गांधी को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को संभाल लेना चाहिए। पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ने भी पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेने के लिए रजामंदी दे दी है। वह इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अमेरिका में एक साक्षात्कार में कहा था कि वे इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

इसके साथ ही प्रियंका गांधी से जुड़े सवाल पर पायलट ने कहा कि वे गांधी परिवार से संबंध रखती हैं। प्रियंका गांदी सक्रिय राजनीति में आएं या नहीं, यह उनका और उनके परिवार का निजी फैसला है। इसके लिए पार्टी की ओर से उनपर किसी प्रकार का कोई दवाब नहीं है। इसके साथ ही सचिन पायलट ने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम पार्टी के अंदर बीजेपी की तरह मार्गदर्शक मंडल का गठन करने में विश्वास नहीं रखते हैं। बीजेपी में मार्गदर्शक मंडल एक बड़ा मजाक है। बाजेपी में आज यशवंत सिन्हा और लालकृष्ण आडवाणी की क्या हालत है। इसके बारे में आप बीजेपी से पूछ सकते हैं।

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