उपराष्ट्रपति पद के लिए आरएसएस की ओऱ से आया बड़ा बयान

उपराष्ट्रपति पद के लिए आरएसएस की ओऱ से आया बड़ा बयान
Updated 18:25 20 Thu Jul 2017
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नई दिल्ली।  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की तरफ से दक्षिण भारत के ‘ऊंची जाति’ के उम्मीदवार को खड़ा करने के पक्ष में है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। माना जा रहा है कि आरएसएस ने यह सुझाव इसलिए दिया है, क्योंकि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राजग ने दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है, जो उत्तर भारत से हैं।

भाजपा के सूत्रों का कहना है कि आरएसएस की पंसद महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.विद्यासागर राव हैं, जो इस पद के लिए दौड़ में सबसे आगे निकल सकते हैं, क्योंकि उनके पास सार्वजनिक जीवन का बड़ा अनुभव है।

तेलंगाना से भाजपा के वरिष्ठ नेता राव अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री, केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग राज्य मंत्री रह चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के दो वरिष्ठ नेताओं भैय्याजी जोशी व कृष्ण गोपाल से मुलाकात की। उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 5 अगस्त को होना है।

सूत्रों के अनुसार, तीनों नेताओं ने दिल्ली में आरएसएस के मुख्यालय केशव कुंज में मुलाकात की। इनके बीच राजग के उम्मीदवार को लेकर डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा चली।

सूत्रों के अनुसार भाजपा के उम्मीदवार के नाम की घोषणा से पहले एक या दो दिन में संसदीय बोर्ड की बैठक होने की उम्मीद है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत किताब ‘नरेंद्र दामोदरदास मोदी : द मेकिंग ऑफ ए लीजेंड’ के विमोचन के मौके पर एक साथ थे। इस किताब को सुलभ इंटरनेशनल के प्रमुख बिंदेश्वर पाठक ने लिखा है। 

 

 

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