इस नवरात्रि बन रहा शुभ संयोग, भूल से भी न करे ये गलतियां, अशुभ होता है

इस नवरात्रि बन रहा शुभ संयोग, भूल से भी न करे ये गलतियां, अशुभ होता है
Updated 10:47 21 Thu Sep 2017
Sharing Icons from Add this

इस बार शारदीय नवरात्रि 21 सितंबर को शुरू हो रहा है.

सबसे खास बात यह है कि इस बार नवरात्र‍ि नौ दिनों की ही होगी.

21 सितंबर को कलश की स्थापना आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को की जाती है. इस बार प्रतिपदा प्रातः 10.34 तक रहेगी. अतः प्रातः 10.34 के पूर्व ही कलश की स्थापना कर लें. इसमें भी सबसे ज्यादा शुभ समय होगा प्रातः 06.00 से 07.30 तक कलश स्थापना.

वीरवार का दिन और वृहस्पति का होरा, शुभ की चौघड़िया और कन्या लग्न में नवरात्रि का प्रारंभ और कलश पूजन बहुत ही शुभदायक है। इसलिए इस योग को गुरु अमृत योग नाम से जाना जाता है।

नवरात्र‍ि के पहले दिन शैलपुत्री की पूजा होती है. शैलराज हिमालय की कन्या होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा गया है. मां शैलपुत्री दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में कमल का पुष्प लिए हुए हैं. इनका वाहन वृषभ है. नवदुर्गाओं में मां शैलपुत्री का महत्व और शक्तियां अनन्त हैं.

यूं तो वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रि हर साल बहुत खास होते हैं, लेकिन इस बार 21 सितंबर से प्रारंभ होने जा रहे नवरात्रि हस्त नक्षत्र में शुरू होंगे, इसलिए अपने आप में बहुत बेहतरीन संयोग है.

हस्त नक्षत्र में घट स्थापना का महत्व

इस बार नवरात्र‍ि हस्त नक्षत्र में शुरू हो रहा है. ऐसी मान्यता है कि नवरात्र‍ि अगर हस्त नक्षत्र में आए तो उसका विशेष महत्व होता है. इस तरह से यह नवरात्र‍ि विशेष शुभकारी है. सुबह 10 बजे तक पूरे पूरे विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना के साथ घट की स्थापना लाभकारी होगी. इससे परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ेगी और साथ ही बीमारियां और कष्ट दूर होंगे.

इस बार नवरात्रि नौ दिनों की

पिछली बार नवरात्र‍ि दस दिनों की थी. कई बार दो तिथियां एक ही दिन होने के कारण नवरात्र‍ि आठ दिनों की भी हो जाती है. लेकिन इस बार नवरात्र‍ि नौ दिनों की ही है और 10वें दिन विजयदशमी मनाई जाएगी. यह एक शुभ संयोग है

21 सितंबर 2017 से शुरू हो रहे नवरात्रि में इस बार 12 साल बाद शुभ संयोग बन रहा है। ऐसे में जरूरी है कि आप भूलकर भी ये सभी गलतियां न करें, अशुभ हो सकता है।

नवरात्रि का प्रारंभ तुला राशि में वीरवार होने के कारण यह योग बन रहा है। नवरात्रि 20 सितंबर दिन में 11 बजकर एक मिनट से शुरू होकर 21 सितंबर दिन वीरवार को सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। यह कहना है कि धर्म सिंधु के अनुसार यदि सूर्योदय के 10 घटी तक प्रतिपदा है तो उसी दिन नवरात्रि प्रारंभ और कलश स्थापना किया जाता है। अमावस्या तिथि में नवरात्रि का प्रारंभ निषेध माना गया है।

नवरात्रि का व्रत रखने वालों को न ही अपने बाल कटवाने चाहिए और शेविंग भी नहीं करवानी नहीं चाहिए। वैसे इस दौरान बच्चों का मुंडन करवाना शुभ होता है। यदि आप इस दौरान कलश की स्‍थापना करते हैं और अखंड ज्योति जला रहे हैं तो इस समय घर को खाली छोड़कर कहीं भी न जाएं।

कि नवरात्रि में नॉन वेज, प्याज, लहसुन आदि की मनाही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि के पूरे नौ दिन तक नींबू काटना अशुभ होता है। विष्‍णु पुराण के अनुसार मां दुर्गा के इन नौ दिनों में दोपहर के समय सोना नहीं चाहिए। इससे व्रत रखने का उचित फल नहीं मिलता। इस बार नवरात्रि में 12 वर्षों के बाद गुरु अमृतमय योग बन रहा है। नवरात्रि 21 सितंबर से शुरू हो रहा है

=====================

आचार्य आशु जी

9810586538--9899606198

और पढ़ें